Rudraksha a spiritual power

 

रुद्राक्ष 14 प्रकार के होते हैं, उनके लाभ और मंत्र



हिंदी में:-

रुद्राक्ष एक पवित्र बीज है, जिसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह भगवान शिव से जुड़ा हुआ है, और इसे धारण करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। रुद्राक्ष के विभिन्न प्रकार होते हैं, जो रेखाओं की संख्या के आधार पर विभाजित होते हैं।

क्या आपको पता है कि भगवान शिव के प्रतिक माने जाने वाले रुद्राक्ष कुल कितने प्रकार है और उनके पहनने से क्या-क्या लाभ होते हैं। रूद्राक्ष को धारने करने वाले के जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। शिवमहापुराण ग्रंथ में कुल 14 प्रकार के रूद्राक्ष बताएं गए है औऱ सभी के देवता, ग्रह, राशि एवं कार्य भी अलग-अलग बताएं है। आइए 14 प्रकार के रुद्राक्षों के बारे में विस्तार से जानें:-

֍ एक मुखी रुद्राक्ष

लाभ:- इसे पहनने से शोहरत, पैसा, सफलता के लिए उत्तम होता है। इसे धारण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह मानसिक शांति और ध्यान में सहायता करता है। इसके

देवता - भगवान शंकर,

ग्रह :- सूर्य,

राशि :- सिंह है।
धारण करने का मंत्र :- " नमः शिवाय"

 

֍ दो मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- इसे आत्‍मविश्‍वास और मन की शांति के लिए धारण किया जाता है। यह शिव और शक्ति के संयोग का प्रतीक है। इसे धारण करने से जीवन में संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य आता है। इसके

देवता :- भगवान अर्धनारिश्वर,

ग्रह :- चंद्रमा,

राशि :- कर्क है।
धारण करने का मंत्र :- " नमः"

 

֍ तीन मुखी रुद्राक्ष-

लाभ: यह त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का प्रतीक है और इसे धारण करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। यह आत्मविश्वास और उर्जा को बढ़ाता है। इसे मन की शुद्धि और स्‍वस्‍थ जीवन के लिए पहना जाता है। इसके

देवता :- भगवान अग्नि देव,

ग्रह :- मंगल,

राशि :- मेष और वृश्चिक है।
धारण करने का मंत्र:- " क्लीं नमः"

֍ चार मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह रुद्राक्ष ब्रह्मा का प्रतिनिधित्व करता है और ज्ञान तथा बुद्धि में वृद्धि करता है। इसे धारण करने से स्मरण शक्ति बेहतर होती है। इसे मानसिक क्षमता, एकाग्रता और रचनात्‍मकता के लिए धारण किया जाता है। इसके

देवता :- भगवान ब्रह्म देव,

ग्रह :- बुध,

राशि :- मिथुन और कन्‍या है।
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं नमः"

 

֍ पांच मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) का प्रतीक है। इसे धारण करने से मानसिक और शारीरिक शक्ति मिलती है और तनाव कम होता है। इसे ध्‍यान और आध्‍यात्‍मिक कार्यों के लिए पहना जाता है। इसके
देवता :- भगवान कालाग्नि रुद्र,

ग्रह :- बृहस्‍पति,

राशि :- धनु मीन है।
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूम नमः"


֍
छह मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह भगवान कार्तिकेय का प्रतीक है और इसे धारण करने से साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह विशेष रूप से स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए लाभकारी है। इसे ज्ञान, बुद्धि, संचार कौशल और आत्‍मविश्‍वास के लिए पहना जाता है। इसके
देवता :- भगवान कार्तिकेय,

ग्रह :- शुक्र,

राशि :- तुला और वृषभ है।
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूं नमः"

 

֍ सात मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह देवी लक्ष्मी का प्रतीक है और इसे धारण करने से धन, समृद्धि और सौभाग्य मिलता है। इसे आर्थिक और करियर में विकास के लिए धारण किया जाता है। इसके
देवता :- माता महालक्ष्‍मी,

ग्रह :- शनि,

राशि :- मकर और कुंभ है।
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं नमः"


֍
आठ मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह भगवान गणेश का प्रतीक है और इसे धारण करने से सभी प्रकार के विघ्नों का नाश होता है। इसे करियर में रही बाधाओं और मुसीबतों को दूर करने के लिए धारण किया जाता है। इसके

देवता :- भगवान गणेश,

ग्रह :- राहु,

राशि :-  
धारण करने का मंत्र:- " गं गणपतये नमः"

֍
नौ मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह नवदुर्गा का प्रतीक है और इसे धारण करने से ऊर्जा, शक्ति, और शक्ति में वृद्धि होती है। यह नवग्रहों से संबंधित बाधाओं को भी समाप्त करता है। इसे ऊर्जा, शक्‍ति, साहस और निडरता पाने के लिए पहना जाता है। इसके
देवता :- माँ दुर्गा,

ग्रह :- केतु,

राशि :-  
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूं नमः"

 

֍ दस मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह दस दिशाओं के देवताओं का प्रतिनिधित्व करता है और इसे धारण करने से चारों ओर से सुरक्षा प्राप्त होती है। यह धारणकर्ता को साहस और शक्ति प्रदान करता है। इसे नकारात्‍मक शक्‍तियों, नज़र दोष एवं वास्‍तु और कानूनी मामलों से रक्षा के लिए धारण किया है। इसके
देवता :- भगवान विष्‍णु जी,

ग्रह :-

राशि :-  
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूं नमः"

 

֍ ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह रुद्राक्ष भगवान हनुमान का प्रतिनिधित्व करता है इसे आत्‍मविश्‍वास में बढ़ोत्तरी, निर्णय लेने की क्षमता, क्रोध नियंत्रण और यात्रा के दौरान नकारात्‍मक ऊर्जा से सुरक्षा पाने के लिए पहना जाता है। इसके 

देवता :- हनुमान जी,

ग्रह :- मंगल,

राशि :- मेष और वृश्चिक है।  
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूं नमः"

 

֍ बारह मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह सूर्य देवता का प्रतीक है और इसे धारण करने से व्यक्ति को मान-सम्मान और नेतृत्व गुण प्राप्त होते हैं। यह व्यक्ति के अंदर ऊर्जा और सकारात्मकता भरता है। इसे नाम, शोहरत, सफलता, प्रशासनिक कौशल और नेतृत्‍व करने के गुणों का विकास करने के लिए धारण किया जाता है। इसके
देवता :- सूर्य देव,

ग्रह :- सूर्य,

राशि :- सिंह है।  
धारण करने का मंत्र:- " क्लीं नमः"

 

֍ तेरह मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह भगवान इंद्र का प्रतीक है और इसे धारण करने से व्यक्ति को ऐश्वर्य, समृद्धि, और सफलता प्राप्त होती है। इसे आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, आकर्षण और तेज में वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। इसके
देवता :- इंद्र देव,

ग्रह :- शुक्र,

राशि :- तुला और वृषभ है।  
धारण करने का मंत्र:- " ह्रीं हूं नमः"

 

֍ चौदह मुखी रुद्राक्ष-

लाभ:- यह भगवान शिव के तीसरे नेत्र का प्रतीक है और इसे धारण करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है। यह व्यक्ति की अंतर्दृष्टि और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है। इसे छठी इंद्रीय जागृत कर सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करने के उद्देश्य से धारण किया जाता है। इसके
देवता :- शिव जी,

ग्रह :- शनि,

राशि :- मकर और कुंभ है।  
धारण करने का मंत्र:- " नमः"

 

In English :-

The Rudraksha beads are spiritually powerful and hold immense religious significance. Each Rudraksha represents different energies and deities and provides distinct benefits when worn. Each Rudraksha holds unique significance and brings specific benefits, making it a powerful tool for spiritual and material well-being.

Here are the details of the 14 types of Rudraksha:-

֍ Ek Mukhi Rudraksha (One-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents Lord Shiva and is believed to provide liberation (moksha). It helps in mental peace and meditation.
Mantra:
"Om Namah Shivaya"

֍ Do Mukhi Rudraksha (Two-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes the union of Shiva and Shakti, removes duality, and brings balance in relationships and life.
Mantra:
"Om Namah"

֍ Teen Mukhi Rudraksha (Three-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents the trinity (Brahma, Vishnu, Mahesh) and helps in overcoming sins. It increases self-confidence and energy.
Mantra:
"Om Kleem Namah"

֍ Chaar Mukhi Rudraksha (Four-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes Lord Brahma and enhances wisdom and intellect. It improves memory.
Mantra:
"Om Hreem Namah"

֍ Panch Mukhi Rudraksha (Five-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents the five elements (Earth, Water, Fire, Air, Space). It strengthens the mind and body, and reduces stress.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Chhah Mukhi Rudraksha (Six-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents Lord Kartikeya and enhances courage and self-confidence. It promotes good health and longevity.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Saat Mukhi Rudraksha (Seven-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes Goddess Lakshmi, and wearing it brings wealth, prosperity, and good fortune.
Mantra:
"Om Hreem Namah"

֍ Aath Mukhi Rudraksha (Eight-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents Lord Ganesha and removes obstacles from one’s life.
Mantra:
"Om Gan Ganapataye Namah"

֍ Nau Mukhi Rudraksha (Nine-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes the Navadurga and brings energy, strength, and power. It also helps in overcoming obstacles related to the nine planets.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Das Mukhi Rudraksha (Ten-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents the ten directions and provides protection from all directions. It gives courage and strength.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Gyarah Mukhi Rudraksha (Eleven-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes Lord Hanuman and provides courage, self-confidence, and determination.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Barah Mukhi Rudraksha (Twelve-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents the Sun God and enhances leadership qualities, respect, and energy.
Mantra:
"Om Kleem Namah"

֍ Terah Mukhi Rudraksha (Thirteen-Faced Rudraksha)

Benefits: Symbolizes Lord Indra and brings wealth, prosperity, and success.
Mantra:
"Om Hreem Hoom Namah"

֍ Chaudah Mukhi Rudraksha (Fourteen-Faced Rudraksha)

Benefits: Represents Lord Shiva’s third eye and helps in overcoming fear. It enhances intuition and mental strength.
Mantra:
"Om Namah"

 

 

 


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